मई 2020 में Maruti ने बेची 13,865 कारें, तो Toyota बेच पाई मात्र 1,639 गाड़ियां

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ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 01 Jun 2020 12:37 PM IST

Auto Expo 2020 Maruti Swift Hybrid

Auto Expo 2020 Maruti Swift Hybrid
– फोटो : Social Media

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लॉकडाउन का नतीजा यह हुआ कि कार निर्माता पहली बार अप्रैल 2020 में एक भी गाड़ी नहीं बेच पाए। हालांकि, जैसा कि सरकार ने पिछले महीने लॉकडाउन के प्रतिबंधों में ढील दी और वाहन निर्माताओं ने परिचालन फिर से शुरू किया, जिसके बाद बिक्री के मोर्चे पर कुछ काम शुरू हुआ है। हालांकि वाहनों की बिक्री अभी उतनी रफ्तार नहीं पकड़ पाई है जितनी लॉकडाउन लागू होने से पहले थी।
मारुति की बिक्री में आई कमी
देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki (मारुति सुजुकी) ने बताया कि उसने पिछले महीने भारत में केवल 13,865 वाहन बेचे। मार्च 2020 की तुलना में यह काफी कम है, जिसमें कंपनी ने 76,240 यूनिट्स बेची थी। बता दें कि मार्च में, संक्रमण फैलने के प्रकोप से कंपनी की बिक्री पहले से ही बुरी तरह प्रभावित हुई थी। ये आंकड़े इसलिए चिंता पैदा करते हैं क्योंकि मारुति सुजुकी ने फरवरी 2020 में 1,33,702 पैसेंजर गाड़ियों की बिक्री की थी। मारुति सुजुकी ने यह भी उल्लेख किया है कि उसने 4,651 यूनिट्स का निर्यात किया और Toyota (टोयोटा) को Glanza की 23 यूनिट्स दी है। 
टोयोटा की बिक्री में 76.6 फीसदी की गिरावट
जापानी कार निर्माता Toyota (टोयोटा) ने भी मई 2020 के लिए अपनी बिक्री के आंकड़ों का खुलासा किया है। कंपनी ने मार्च 2020 में बेची गई 7,023 यूनिट्स की तुलना में 76.6 फीसदी की गिरावट के साथ पिछले महीने 1,639 यूनिट बेचीं। चूंकि अप्रैल के महीने में कंपनी एक भी गाड़ी नहीं बेच पाई थी, इसे देखते हुए मई के आंकड़े निश्चित रूप से कुछ हद तक उत्साहजनक हैं। मारुति सुजुकी ने मई के पहले सप्ताह में परिचालन फिर से शुरू किया जबकि टोयोटा ने 26 मई से उत्पादन दोबारा शुरू किया। कंपनियों ने अपने डीलरशिप भी खोले और शोरूमों पर कम ग्राहक होने के चलते ऑनलाइन बिक्री प्लेटफार्मों का फायदा उठाना शुरू कर दिया। 
ऑनलाइन ऑर्डर में आई तेजी
Toyota Kirloskar Motor (टोयोटा किर्लोस्कर मोटर) के सेल्स एंड सर्विस के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट नवीन सोनी ने कहा, “हम देश के विभिन्न हिस्सों में डीलरों की कारोबारी स्थितियों को जान रहे हैं और हम डीलर की जरूरतों के मुताबिक अपनी तरफ से उत्पादन को प्राथमिकता दे रहे हैं, संख्या के साथ-साथ उनकी लिए आवश्यक ग्रेड का भी ध्यान दे रहे हैं। बाजार में मांग धीमी रहने की वजह से, सामान्य दिनों की तुलना में हम सिर्फ 20 फीसदी ही थोक बिक्री कर पाए हैं। हालांकि, थोक बिक्री (कंपनी से डीलरों को) की तुलना में खुदरा बिक्री (डीलर से ग्राहक को) बहुत अधिक है, जिससे हमें डीलरशिप पर महीने की क्लोजिंग इंवेट्री को कम करने में मदद मिली है। हमें डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए ग्राहकों के ऑर्डर और पूछताछ में अच्छी-खासी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।” 

सार

दुनियाभर में फैली महामारी ने भारतीय कार उद्योग को भी गंभीर रूप से प्रभावित किया है। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लागू किए गए लॉकडाउन की वजहर से कंपनियां वाहनों के उत्पादन और बिक्री को रोकने के लिए मजबूर हो गईं थी।

विस्तार

लॉकडाउन का नतीजा यह हुआ कि कार निर्माता पहली बार अप्रैल 2020 में एक भी गाड़ी नहीं बेच पाए। हालांकि, जैसा कि सरकार ने पिछले महीने लॉकडाउन के प्रतिबंधों में ढील दी और वाहन निर्माताओं ने परिचालन फिर से शुरू किया, जिसके बाद बिक्री के मोर्चे पर कुछ काम शुरू हुआ है। हालांकि वाहनों की बिक्री अभी उतनी रफ्तार नहीं पकड़ पाई है जितनी लॉकडाउन लागू होने से पहले थी।

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Devesh Tyagi

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